गलत-सही
ये मुझे नहीं पता हैं कि,गलत हूँ या सही हुँ। लेकिन जो था कल मैं, आज भी वही हुँ। बदले नहीं हम,बदले-बदले ये नजारे हैं। गलती नहीं हमारी,गर्दिश में मेरे सितारे हैं। समझो अगर तुम तो'यहाँ एहसान तुम्हारा हो। निकले किसी का दम तो,वो जान हमारा हो। क्यूँ पहचानकर कहते,हो कि मैं अजनबी हुँ। ये मुझे नहीं पता हैं कि,गलत हुँ या सही हुँ। लेकिन जो था कल मैं, आज भी वही हुँ।।