बदमिज़ाज़
तुम अपने आप को,यूँ न'यहाँ ग़म-ज़दा रखा करों।, मैं बदमिज़ाज हुँ मुझसे,ज़रा फ़ासला रखा करों। तिनका जोड़ कर,ब-मुश्किल पैसा कमाया हैं हमनें। औलाद अग़र बिगड़ैल है,तो'उसे भी खफ़ा रखा करों। चाँदनी छत की साहेब,रही कभी मोहताज़ नहीं हैं; आयेगी चौखट पर भी,ज़रा तुम हौसला रखा करों। वो वक़्त चिठ्ठियों का दोस्त'बहुत माकूल गुज़रता था; रिस्ता रखना ही है,तो'ज़रा दूरियों का मज़ा रखा करों। कौन मेरी तरह यहाँ,दिल की बात बताएगा,ज़ानिब' सच अगर सुनना है,तो'अपनी सच्ची जुबाँ रखा करों। जो तेरा हैं तुझसे यहाँ,भला कोई छीन नहीं पाएगा; हालात जैसे हो,मेरे दोस्त'खुदपर,भरोसा रखा करों। तुमको यक़ीनन दुनियाँ,दोस्त'मेरी तरह ही दिखेगी; पाकीज़गी नज़रों की,यहाँ तुम हर दफ़ा रखा करों। ज़माने के भीड़ से इतर,दोस्त'इक जिंदगी और भी हैं; तुम्हें शर्मिंदगी न हो हमेशा,ऐसा फ़ैसला रखा करों। अमीर लोग जो पैसे से ,यहाँ हक़ीकत भी बदलते हैं। हैं अगर हिम्मत,तो'कहो उनसे अलग ख़ुदा रखा करों। उससे बेहतर नहीं दोस्त,ना ही दुश्मन यहाँ मिलेगा। भाई परदेस भी हो,तो'हमेशा उसका हिस्सा रखा करों।