बदला
सिर्फ़ फायदा चाहती हैं,नुकसान का सौदा नहीं लेती। महबूब छोड़िए,नई पीढ़ी"बाप का भी बदला नहीं लेती। माना साथ उनके,यहां हज़ार मजबूरियां रहीं होंगी; मग़र मुझे चाहती,तो"छोड़ जाने का फैसला नहीं लेती। मोहब्बत क्या है,जहां"घोसलें हो,उन शाखों से समझिए; उनपर चिड़ियां अंडा दें,तो"वो चिड़ियों से अंडा नहीं लेती।