दाग
अगर हो चांद कोई,तो"तनिक दाग़ चलतें हैं। तुम्हारा इरादा हो,तो"चलो न"भाग चलते हैं। और ये तो अपनी ही धुन में,मदमस्त चलता हैं; जमानेंं के रफ्तार में कहां,अनुराग चलते हैं। दिल के हिसाब में,दोस्त"सिर्फ जोड़ होता हैं; ये तो दुनियां के हिसाब में,गुना_भाग चलते हैं। अब कहां किसी को,तलाशा हुआ मिलता हैं; अगर मिल जाए,तो"समझो तेरे सौभाग्य चलतें हैं। जो सोना हैं,जिसे बेशक उम्रभर तपाया गया हो; उसपर तपिश ना कोई,ना ही आग चलतें हैं। मोहब्बत में जमाने भर का तजुर्बा क्या होगा; यहां तो चंद शायरी,आंखें,मीठे अल्फाज़ चलतें हैं।