ज़रूरत नहीं हैं।


मुझे प्यार अगर तुम,करते नही हो,
तो'निगाहें चुराने कि जरूरत नही हैं।
सभी को प्यार यहाँ मिलता नही हैं,
इन राहों में,आने कि जरूरत नहीं हैं।

       होता यही है प्यार का फलसफ़ा,
       कोई हँसता हैै यहाँ कोई रोता हैं।
       मिल जाए तो है, ज़न्नत जमीं पे'
       खोकर दिल तन्हा बहुत होता हैं।
       आँखों में अब सपनें नही,फिर से'
       इन्हें सजाने कि ज़रूरत नहीं हैं।
मुझे प्यार अगर तुम,करते नहीं हो,
तो'निगाहें चुराने कि ज़रूरत नही हैं।
सभी को प्यार यहाँ मिलता नही हैं।
इन राहों में आने कि जरूरत नहीं हैं।

       इतना दिलाशा काफी है मुझको,
       तुम मेरे अपनो में शामिल तो हो।
       हो न सके तेरे हम काबिल तो क्या,
       सनम तुम किसी के काबिल तो हैं।
       तुझे महबुब तुझको ऐसा मिला हैं,
       और कुछ पाने कि जरूरत नही हैं।
मुझे प्यार अगर तुम,करते नहीं हो,
तो'निगाहें चुराने कि जरूरत नहीं हो।
सभी को प्यार,यहाँ मिलता नही हैं,
इन राहों में आने कि जरूरत नहीं हैं।

       ऐसे देखने से क्या फ़ायदा,जब'
       नजरें झुकी की झुकी रह गयी हैं।
       आँखे उठाकर देखो ज़रा,यहाँ'
       महफ़िल सजी कि सजी रह गयी हैं।
       तेरे प्यार का है ये सब माज़रा,अब'
       इसको'छिपाने कि ज़रूरत नहीं हैं।
मुझे प्यार अगर तुम,करते नहीं हो,
तो'निगाहें चुराने कि ज़रूरत नही हैं।
सभी को प्यार यहाँ मिलता नही है,
इन राहों में आने कि,जरूरत नही हैं।।

       मेरा दिल तुझको देता है दुआए,
       तु जब हँसे, फ़िजा मुस्कराये।
       तेरे कदमों में हो चाँद-सितारें,
       सुरज भी तेरी,आरती सजाए।
       दीवाने हैं तेरे हम दीवाने रहेंगें,
       औरों को'बताने कि जरूरत नहीं हैं।
मुझे प्यार अगर तुम,करते नही हो,
तो'निगाहें चुराने कि जरूरत नही हैं।
सभी को प्यार,यहाँ मिलता नहीं हैं,
इन राहों में आने कि जरूरत नहीं हैं।।

      अगर प्यार हो तो बताओ सनम।
      यूँ बातों से हमें न बहलाओ सनम।
      तन्हा नही कटती हैं,ये उम्र सारी;
      ज़रा हमसे भी दिल लगाओ सनम।
     अगर दोस्ती है तो हाथ मिलाओ,
      बाहों में आने कि जरूरत नही हैं।
मुझे प्यार अगर तुम, करतें नहीं हो,
तो'निगाहें चुराने कि जरूरत नही हैं।
सभी को प्यार,यहाँ मिलता नही है,
इन राहों में आने कि जरूरत नहीं हैं।।





टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मरहम

सौभाग्य

उन्वान