दिल


होती हैं मोहब्बत,जब धड़कता हैं दिल।
किसी कि चाहत में जब,बहकता हैं दिल।।
       न समझो हमें की, हम नादान हैं।
       मेरी भी हुस्नवालों से,बहुत पहचान हैं।
       मगर सभी से' नहीं होती दिल्लगी।
       करे किससे मोहब्बत,ये सोच परेशान हैं।
       इन बातों में हरपल,उलझता हैं दिल।
होती है मोहब्बत,जब धड़कता हैं दिल।
किसी कि चाहत में जब,बहकता हैं दिल।।
       मुश्किलें आती ही है,मोहब्बत कि राहों में।
       जब अच्छे लगते है,हम किसी कि निग़ाहों में।
       तब जाकर चाहत परवान चढ़ती हैं।
       छिपाने से और भी,मेरी जान बढ़ती हैं।
       अपनी निगाहों को खूब,समझता है दिल।
होती है मोहब्बत,जब धड़कता है दिल।
किसी कि चाहत में,जब बहकता हैं दिल।।
       जो न समझे मोहब्बत को,नादां दिल हैं।
       नहीं बोलता है, होता ये बेजुबां दिल हैं।
       मग़र दिल कि अदा, होती बड़ी कातिल हैं।
       गम हो या खुसी,हर महफ़िल में शामिल हैं।
       मुश्किलें होती है,जब ख़ुद से फिसलता है दिल।
होती है मोहब्बत,जब धड़कता है दिल।
किसी कि चाहत में,जब बहकता है दिल।।
       मोहब्बत ही तो दिल कि,आँखरी मंजील होती हैं।
       जब टुटता है दिल,यारों बड़ी मुश्किल होती हैं।
       दिल तो आईना है,आदमी के जज्बातों का।
       बहुत फ़र्क पड़ता है,इसपर बेरुखी बातों को।
       टुटकर बड़ी मुश्किल से,संभलता है दिल।।
होती है मोहब्बत,जब धड़कता है दिल।
किसी कि चाहत में,जब बहकता है दिल।।



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