चेहरा
आँखों के सामने आज भी,तेरा चेहरा रहता हैं।
मेरे दिल पे तेरी यादों का,हर पल पहरा रहता हैं।।
फिर से इस दिल में,कैसे नये सपने सजाए हम।
मेरे दिल पे तेरी यादों का,हर पल पहरा रहता हैं।।
फिर से इस दिल में,कैसे नये सपने सजाए हम।
तुम्हें भूलकर किसी से,कैसे नजरें मिलाए हम।
ये सोचकर भी मेरा दिल,यहाँ घबड़ा जाता है;
कैसे दिल का दर्द सहें,अपने ज़ख्म छिपाए हम।
ये सोचकर भी मेरा दिल,यहाँ घबड़ा जाता है;
कैसे दिल का दर्द सहें,अपने ज़ख्म छिपाए हम।
मोहब्बत में पड़ा जख़्म,बड़ा ही गहरा रहता हैं।।
आँखों के सामने आज भी,तेरा चेहरा रहता हैं।
मेरे दिल पे तेरी यादों का,हर पल पहरा रहता हैं।।
कैसे निकलें सनम हम,तेरी यादों के साए से।
अगर भूलना ही था,तो'क्यूँ दिल में आए थे।
आज तेरी हर बात,दिल के अरमाँ बन गए।
देख तेरी चाहत में हम,क्या से क्या बन गए।
प्यार अगर दिल से हो,तो'रंग बड़ा सुनहरा रहता हैं।
आँखों के सामने आज भी,तेरा चेहरा रहता हैं।
मेरे दिल पे तेरी यादों का,हरपल पहरा रहता हैं।।
मलाल रहता है,दिल को तेरी जरूरत होती हैं।
तेरी खातिर जो अश्क़ बहें,अश्क़ नहीं मोती हैं।
आँखीर गलतियां भी दिल,बार-बार करता नहीं।
सुनता नहीं सब की,सब पे एतबार करता नहीं।
होता ही नही बेजुबाँ दिल,कानों से बहरा रहता है।
आँखों के सामने आज भी,तेरा चेहरा रहता हैं।
मेरे दिल पे तेरी यादों का,हरपल पहरा रहता हैं।।
आँखों के सामने आज भी,तेरा चेहरा रहता हैं।
मेरे दिल पे तेरी यादों का,हर पल पहरा रहता हैं।।
कैसे निकलें सनम हम,तेरी यादों के साए से।
अगर भूलना ही था,तो'क्यूँ दिल में आए थे।
आज तेरी हर बात,दिल के अरमाँ बन गए।
देख तेरी चाहत में हम,क्या से क्या बन गए।
प्यार अगर दिल से हो,तो'रंग बड़ा सुनहरा रहता हैं।
आँखों के सामने आज भी,तेरा चेहरा रहता हैं।
मेरे दिल पे तेरी यादों का,हरपल पहरा रहता हैं।।
मलाल रहता है,दिल को तेरी जरूरत होती हैं।
तेरी खातिर जो अश्क़ बहें,अश्क़ नहीं मोती हैं।
आँखीर गलतियां भी दिल,बार-बार करता नहीं।
सुनता नहीं सब की,सब पे एतबार करता नहीं।
होता ही नही बेजुबाँ दिल,कानों से बहरा रहता है।
आँखों के सामने आज भी,तेरा चेहरा रहता हैं।
मेरे दिल पे तेरी यादों का,हरपल पहरा रहता हैं।।
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