आसमान

मेरा महबुब चाँद है,ए ख़ुदा'
तु उसे भी कोई,आसमान तो दे।

जमी तेरी ये छोटी पर जाएगी
तु मेरे पैरों में थोड़ी उड़ान तो दे।

माना खुदा तेरी सुनता नहीं है
जरा दिल से उसे,तु अजान तो दे।

बेदाग़ चेहरे में,खूबसूरती कैसी,
गालों पे तिल का, निशान तो दे।

साँवला रंग भी अच्छा लगता हैं;
चेहरे में थोड़ा,नूर इत्मिनान तो दे।

ख़्वाब तेरे हक़ीक़त हो जाएंगे,
ये इश्क़ है,तु पहले इम्तेहान तो दे।

हज़ार कसमें मैं तोड़ दुँगा सनम
तु साथ जीने की हमें जुबान तो दे।

हमारें रिस्ते का कोई नाम तो हो,
तु खुदा है मेरा,आकर बयान तो दे।

ये सच है तुम्ही से यहाँ रोशनी हैं;
यूँ न समझेगी दुनिया,पहचान तो दे।

कबतक मेंरे हौसलें आजमाएगा,
आकर जिंदगी में,थोड़ी चढ़ान तो दे।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मरहम

सौभाग्य

उन्वान