मतलब

 सबको हैं यहाँ,उसके ही सरोकार से मतलब।

अब उससे ही यहाँ दोस्त, हैं प्यार से मतलब।


साहेब हमको यहाँ नहीं है,अब फिक्र जमाने की;

उसके खबरों के लिए,रखते हैं अख़बार से मतलब।


खुद को भूला कर,जी रहा था ख़्याल में जिसके;

बोली अकेले से नहीं,मुझें है पूरे चार से मतलब।


ईश्क़ भी उसूलों से यहाँ,वो कर रहा है ज़ाहिल; 

दिल को तो बस होता हैं,साहेब'ऐतबार से मतलब।


मैंने जो पूछा नाम तो,वो बोली हमसें मुस्कुराकर;

चेहरें में क्या हैं,हमकों है बस कारोबार से मतलब।


शोहरतों से बाहर निकलकर,ज़रा देखिए ज़नाब;

किस-किस को हैं यहाँ,आपके क़िरदार मतलब।


                

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