नहीं जा सकता
मैं अग़र खाली भी हुँ, तो' तुझसें भड़ा नहीं जा सकता।
वो महबूब हैं मेरा,सामने उसके अधमरा नहीं जा सकता।
ऐसे हालात में हैं की ये दुआ हैं,तु मुझें हरगिज़ ना मिलें;
गिर भी नहीं सकता,होकर खड़ा भी नहीं जा सकता।
उसकी चौखट पर सजती हैं,रहनुमाओं की महफ़िल;
हिदायत दी गई हैं,वहाँ कोई मशख़रा नहीं जा सकता।
ईश्क़ वो समंदर हैं जहाँ महबूब की आसुएँ भी मोती हैं;
चंद अहसासों से,दलीलों से,इसको भरा नहीं जा सकता।
इस उम्र से पहले,दोस्त'हमनें इक उम्र और भी गवाँई हैं;
तज़ुर्बा लाख हो लेकिन,ईश्क़ को पढ़ा नहीं जा सकता।
कभी मिलतें थे जो सीरे,कल तक हर मोड़ पर आकर;
इक सीरे ने कहा हैं,मिलने दूसरा सीरा नहीं जा सकता।
अब तो जंग जैसे हो गए हैं,साहेब'मोहब्बत के हालात;
किसने कहा है दिल की राह में,सिरफिरा नहीं जा सकता।
गीले-शिक़वे ईश्क़ में'हैं बहुत छोटी बातें,इम्तेहान तब हैं;
बगैर उसके रहा भी न जाए,मिला भी नहीं जा सकता।
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