माँ
उम्र हमारी जब छोटी थी,काम ख्वाबों को बुनना था।
एक तरफ थी बूढ़ी माँ,एक तरफ तुमको चुनना था।
तुम्हीं बताओ क्या करते भला हम,ऐसे इन हालातों में;
आसमान से अलग हुआ,तो'चाँद कैसे मिलता रातों में।
तुम कानों के कुंडल थे,तो'उनसे कानों का सुनना था।
एक तरफ थी बूढ़ी माँ,एक तरफ तुमको चुनना था।
बात दिल में दबी रहें,तो'फिर रिश्तों में हैं मज़ा नहीं।
माँ की शर्तों पे जाना जाँ,अब तुझको मेंरी रज़ा नहीं।
क्या होता हैं खुलना पूछों,जो उनसे मेरा खुलना था।
एक तरफ थी बूढ़ी माँ,एक तरफ तुमको चुनना था।
किसी को थी उम्मीद हमारी,कहीं ख्यालों के मंज़र थे;
माँ ने उगाए है पेड़ वहाँ,जो सालों तक कभी बंज़र थे।
आँखें मिलनें से बेहतर,माँ के आँचल का मिलना था।
एक तरफ थी बूढ़ी माँ, एक तरफ तुमको चुनना था।
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