कशक़
दूर रहकर भी,यादों की महक़ रहती हैं।
बगैर जिंदगी में उसके,इक कसक रहती हैं।
मिल जाए अगर कुछ,ख़्वाईश से ज्यादा,
ये मुनासिब है,की उसपर'हमें शक़ रहती है।
वो ठुकराकर मेरा ईश्क़,पामाल कर देगा;
इसी गफ़लत में वो लड़की,बेशक़ रहती हैं।
खुसी की ख़ातिर,कोशिशें करनी पड़ती हैं।
आकर जिंदगी में गम,तो'अचानक रहती है।
हमारे साथ की गवाही,देता यहाँ हर मौसम;
जो आज मिलकर मुझसें,भौंचक रहती हैं।
तैयारीयाँ खूब करों,किस्मत नहीं बदलनेवाली;
राह में ठोकरें और मंजील,एकाएक रहती हैं।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें