नादानी

 जिन गिरती हुई बूंदो को,तु नादानी कहती थी

मेरी माँ उसे,सनम' आँख का पानी कहती थी।


मिल जाता था हर राजा,आँखिर में अपनी रानी से;

झूठी थी वो कहानी,दादी जो कहानी कहती थी।


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