सलामत

 जो दर्द दें,उसकी सलामत करता है कोई।

मेरी तरह भी,क्या मोहब्बत करता है कोई।


वो साथ देगा,तुम इस भरोसें पर नहीं रहना;

भला कहकर भी, हिफाज़त करता है कोई।


दिल में उतरनें तक, सारी साफगोई रहती हैं,

उतरकर दिल में,कहाँ शराफत करता हैं कोई।


कुछ कर नहीं पाते,पेट की ख़ातिर जीनेवाले;

बहुत टूटकर ही यहाँ, क़यामत करता हैं कोई।


अज़ब है प्रेम की दुनियाँ,गज़ब है प्रेमवालें लोग;

एक ही से,मोहब्बत और हीराक़त करता हैं कोई।

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