सम्भाल कर रखा

 यहाँ सबनें अपने हीसाब का,खंज़र संभाल कर रखा।

दोस्त मिलें ऐसे,फूल फेंक दिया पथ्थर संभाल कर रखा।


हालात बहुत बदलें,यकीनन तुमसें अलग होने के बाद;

फिर भी'मैंनें तेरी यादों का,हर इक मंज़र संभाल कर रखा।


तेरे बग़ैर कुछ भी नहीं,मेरे ख़ातिर ये बहारों का मौसम,

जो तेरे साथ गुजरा है हमनें वो पतझड़ संभाल कर रखा।


मिली बाज़ार में वो आज मुझकों,मेरा ही ख़रीदार बनकर;

जिसके लिए ही सबकुछ,मैंने मेरे रहबर संभाल कर रखा।

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