रौशनदान

 जो अंधेरा हैं,रौशनदान में नहीं आएगा।

इतना बदलेगा,के पहचान में नहीं आएगा।


उम्र बाकी हैं अभी किस्मत बदलनी है हमें;

सागर अब,बाबू,सोना,जान में नहीं आएगा।


हालात जैसे हो,खुद को आज़माना पड़ेगा,

नाव किनारें,सिर्फ' तूफान में नहीं आएगा।


काटनी है तो जिंदगी,तेरी भी कट जाएगी;

मग़र यहाँ शोहरत,तुझें दान में नहीं आएगा।

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