सहारे
बस तेरी ही उम्मीद के,सहारे काम आयेंगे।
जब घर बटनें को होगा,तो'दरारें काम आयेंगे।
लहर के संग चलिए,गहराई में ख़ूब उतरिए;
सफर जब खत्म होगा,तो'किनारें काम आयेंगे।
तुम्हारे सींचे हुए पौधें ही,तुम्हारे गमले तोड़ेंगे;
इस गफ़लत से निकलिए,बच्चें तुम्हारे काम आयेंगे।
पड़ निकलतें परिंदे सारे,घोसलों से उड़ जायेंगे;
मरम्मत कीजिए अपने ही,दरख़्त दीवारें काम आयेंगे।
तू रखवार है यहाँ का,खुद को मालिक न समझा कर;
वो कहीं के ना रहेंगे,समझतें हैं हमारें काम आयेंगे।
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