जिज्ञासू
कई ठगें जायेंगे,और कई जिज्ञासू होंगे।
प्रेम पथ के पग में,घोर निराशा आँसू होंगे।
ये तो जगज़ाहिर हैं,जिसे यहाँ ठगना होगा;
दिखनें में वो सादा होगा,शब्द उसके धांसू होंगे।
कुछ वार करेंगे सिधे,कुछ बातों से लुभाएंगे;
जो प्रेम से लूटेंगे,वो असली रक्त-पिपासूँ होंगे।
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