बच्चे
हमारे जिस्म के ही,अब परखच्चे इश्क करेंगे।
जवान रोटी कमाएंगे,और बच्चें ईश्क करेंगे।
दगाबाज बातों से,यहां किसी को फांस लेगा;
उनका दिल टूट जाएगा,जब सच्चे इश्क करेंगे।
और इस युग में भी हो,कृष्ण_मीरा सी मोहब्बत;;
मैं इस फ़िराक में हूँ,भला कब अच्छे इश्क़ करेंगे।
कभी पैसें,कभी परिवार की बात पे,टूट जायेंगे;
वो क्या साथ निभायेंगे,दिल के कच्चे इश्क़ करेंगे।
जिसे चाहा करेंगे, उसे ही तेजाब से जलायेेंगे;
मोहब्बत इस तरह भी होगी,जब लुच्चें ईश्क करेंगे।
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