मुकद्दर

 इतना हौसला तो, यहां समंदर में नहीं होगा।

मैं तुझको चाहूंगा,भले तू मुकद्दर में नहीं होगा।


वो नींद क्या,बिस्तर क्या,भला रात क्या होगी,;

जब ठंड भी हो,और साथ तू चद्दर में नहीं होगा।

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