खफा

 इत्ती बात पर भी,बता"कोई क्यूं खफा होगा।

मुझे भरोसा हैं,तू ही मेरे जख्म का दवा होगा।


कोई रूह तक पहुंचें,मोहब्बत ऐसी होनी चाहिए;

वर्ना यूं दिल लगानें से अच्छा,होना जुदा होगा।


जो तेरे मनमाफिक हो,तुम वही रिश्ता बचाना;

मुझे मंजूर होगा, यहां जो भी तेरा फैसला होगा।


और मैं कोई उम्मीद लिए,अब जीता ही नहीं हुं;

तू गर न हुआ मेरा,तो फिर"ना ही मेरा खुदा होगा।

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