नाराज़

 तुझसे नाराज़ होकर,

बता"मैं कहां जाऊंगा।


तेरी दहलीज से भी क्या;

मैं रोता हुआ जाऊंगा।


बड़े एहसान फ़रामोश हैं;

यहां के लोग,भूल जाएंगे;


तुम ग़र साथ निभाओगी;

तो"मैं आसमां हो जाऊंगा।

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