रात

 बाजुएं खोलिए,आप कोई करामात कीजिए।

आईए बैठिए,हमसे भी" कुछ बात कीजिए।


मेरा महबूब चांद हैं,ग़र देखनी है आपको,तो"

पर्दा गिराइए,महफ़िल में तनिक रात कीजिए।

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