ज़ख्म
ज़ख्म हमारे हैं, हमें सहने दीजिए।
आपसे न होगा,आप रहने दीजिए।
दुश्मन जो हैं मेरे,मुझें बुरा कहेंगे ही;
गर बुरा कहते हैं,तो" कहने दीजिए।
हमको यूं न टोकिए,ना हीं हमें रोकिए;
हम तो"सागर हैं,हमें बस बहनें दीजिए।
मेरा ये ख्याल हैं,हम जो भी हैं कमाल हैं;
जो बेनूर हैं,आप उनको गहने दीजिए।
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