बात
अब जो होना था,हो गया,तुम निज़ात बता देतें।
इश्क़ से पहलें भला कैसे,हम जात बता देते।
और उस दौड़ में उसने,संभाला हैं मुझको;
जिस दौड़ में तुम छोड़ देते,ग़र हालात बता देतें।
मेरे मिजाज़ से उनका यूं,मिजाज़ मिलता था।
हिचकियां आ जाए,तो"उनके जज़्बात बता देतें।
दिल मेरा बेतरतीब,सनम"अब ढूंढता रहता हैं;
तुझसा मिलता,तो"दिल की हर बात बता देतें।
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