शिकारी

 साथ कैसे चलता,तुम नहीं थे साथ निभानें वालें।

तुम ठहरें शिकारी,हम थे"परिंदें को उड़ानें वालें।


चुनाव आने दीजिए,वो सभी मसीहा हो जाएंगे;

जो अब तलक रहें हैं,हमपर जुल्म ढ़ाने वालें।

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