बात
बात गलत हो,तो"माफ़ी दें,हम पांव लगें ।
नज़दीकी इतनी न कीजिए,जिससे घाव लगें।
अगर जाननी हैं आपको,हम क्या चाहते हैं;
तो"शहर ऐसा बसाइये,साहेब"जो गांव लगें।
भरोसा उठ जाए,तो दिल को"ऐसा लगें हैं।
के कोई जान भी दें,तो दोस्त"सिर्फ़ दांव लगें।
बात गलत हो,तो"माफ़ी दें,हम पांव लगें ।
नज़दीकी इतनी न कीजिए,जिससे घाव लगें।
अगर जाननी हैं आपको,हम क्या चाहते हैं;
तो"शहर ऐसा बसाइये,साहेब"जो गांव लगें।
भरोसा उठ जाए,तो दिल को"ऐसा लगें हैं।
के कोई जान भी दें,तो दोस्त"सिर्फ़ दांव लगें।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें