शाम

 मैं सुहानी शाम हुं,सनम"सवेरा नहीं हो सकता।

अब तू मर भी जाए,तो"मैं तेरा नहीं हो सकता।


याद तो तेरी आएगी,मुमकिन है के मैं रो भी दूं;

मग़र इतना गिरकर भी, बसेरा नहीं हो सकता।

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