Harami

 कुछ तेरी सादगी हो,भले उसमें लाख खामी हो।

मैं नहीं चाहता मेरे बच्चें,बिल्कुल हरामी हो।


मेरे खून के उबाल को,कम करने की जरूरत हैं;

कौन चाहेगा आंधियों के बाद,फिर" सुनामी हो।


तेरी जुल्फें,तेरी आँखें,तेरे डिम्पल,तेरा लहज़ा;

हो जाए इक भी अदा,तो"देखें उसे हैरानी हो।

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