Suraj

 सूरज नहीं हुए तो हम निशाँ नहीं होंगे।

हम किसी के दर्द का सामां नहीं होंगे।


तेरे आंखों का नूर सनम,गर बन न सकें;

तो"चले जायेंगे,आंख का कांटा नहीं होंगे।


अब तो"ये तय हैं,तुम रहोगें या कोई और;

मोहब्बत में दिल हमारेंं, साझा नहीं होंगे।


जिन्हें किसी इक का गर होकर नहीं रहना;

कोई मर भी जाए,उनकी नज़र उम्दा नहीं होंगे।


कत्ल गर कटार से हो तो बच भी जाए कोई;

जो प्यार से हैं मारें गए,फिर"जिंदा नहीं होंगे।

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