किनारा
सनम समन्दर का, किनारा नहीं हुआ जाता।
कोई बताए उसे,इतना प्यारा नहीं हुआ जाता।
ये सादगी, ये हुनर, ये तेरे नज़रों का पैनापन;
चाँद होना अच्छा हैं,लस्कारा नहीं हुआ जाता।
गर रौनकें नूर में रहना है तुझे,मखमल से पूछ;
किसी के गरीबी का,सहारा नहीं हुआ जाता।
दर्द से मर गया आशिक़ महबूब की आस में;
भरोसा करते हैं,इतना बौरा नहीं हुआ जाता।
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